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فصول الكتاب

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ويذكر فِقْهَه (١)، وفي مواضع بيَّن المبهم في الحديث (٢)، وهل للراوي صحبة؟ (٣)، وعدد أحاديث الراوي في الكتب الستة (٤)، وقد أورد بعض الأحاديث المتعارضة في الظاهر وجمَعَ بَيْنَهما (٥)،

ويورد أحاديث مكذوبة على النبي - صلى الله عليه وسلم -. (٦)

ويورد ـ أيضاً ـ فوائد حديثية، مثل (٢/ ٤٠٧) مسألة جهالة


(١) يُنظر: (١/ ٦٥١ من الخطابي)، (٢/ ٤١٤ من الخطابي، ٤٢٥، ٤٣٨، ٥٥٢ من النووي، ٦٤٤ من النووي أيضاً، ٧١١ من ابن العربي)، (٣/ ١٦٨ من الطيالسي، ٢٠٩ من الخطابي، ٢١٨ من ابن بطال، ٦٥٩، ٦٦٢، ٦٦٣)، (٤/ ٤٧، ٩٤ من النووي، ١٠٧، ١٣٣، ١٨٢ من بعض شراح البخاري، ٢٠٩، ٢٢٧).
(٢) يُنظر: (١/ ٨١)، (٢/ ٢٧٩، ٤٠٧، ٤٢٥)، (٣/ ١٦٥).
(٣) يُنظر: (١/ ١٣٧)، (٣/ ٧٢).
(٤) يُنظر: (١/ ٨١، ٥٠٥، ٦٠٣، ٧١٤) (٢/ ٨٧، ٥٧٤) (٣/ ٢٦٩، ٥٧٤).
(٥) يُنظر: (١/ ٤٤، ٩٩، ٤٢٦، ٤٧٤، ٦٥١)، (٢/ ٨٨، ٦٠٢، ٧١٠)، (٣/ ٢٩٨، ٢٩٩، ٧١٩) ..
(٦) يُنظر مثلاً: (١/ ١٥٤، ١٨٢).

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